12वीं की परीक्षा खत्म होने के बाद अधिकतर स्टूडेंट्स के सामने यह दुविधा होती है कि आगे की पढ़ाई के लिए वे कौन-सी स्ट्रीम चुनें। ग्रेजुएशन करें या फिर कोई प्रोफेशनल या वोकेशनल कोर्स? अगर ग्रेजुएशन करना है, तो इसके लिए कौन-सी स्ट्रीम चुनें? इस दुविधा का एक कारण यह भी है कि आजकल विकल्पों की भरमार है। इस समय स्टूडेंट ऐसे चौराहे पर खडे होते हैं, जहां उन्हें एक खास रास्ते का चुनाव करना होता है। ऐसा रास्ता, जो उन्हें उनके करियर ग्राफ को एक नए मुकाम तक ले जाए।
विकल्पों की भरमार
पहले स्टूडेंट्स के पास मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे कुछेक करियर के ऑप्शन ही होते थे, लेकिन अब ऐसी बात नहीं है। आज इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, टीचिंग जैसे परंपरागत विषयों के साथ-साथ सैकडों नए विकल्प भी सामने आ गए हैं। ऐसे में एक या दो विषय में ही उच्च शिक्षा हासिल करने की मजबूरी नहीं रह गई है। बारहवीं के बाद ही तय करना होता है कि आप प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं या फिर एकेडमिक कोर्स।
क्या पढ़ें, क्या न पढ़ें
12वीं के बाद अधिकांश छात्र यह तय नहीं कर पाते कि वे क्या पढें और क्या न पढें! इस दुविधा से निकलने का कोई उपाय उन्हें नहीं सूझता। मार्गदर्शन न मिलने के कारण अधिकांश स्टूडेंट्स अपने मित्रों की देखा-देखी ही कोर्स चुन लेते हैं या फिर अपने अभिभावक की इच्छा से मेडिकल या इंजीनियरिंग की राह पर आगे बढने का प्रयास करते हैं। दूसरों की देखा-देखी या फिर अभिभावक के दबाव से किसी कोर्स का चुनाव हर स्टूडेंट के लिए सही नहीं माना जा सकता, क्योंकि ऐसी स्थिति में आगे चलकर छात्र के प्रदर्शन के साथ-साथ उसका करियर भी प्रभावित हो सकता है। चूंकि अब विकल्पों की कमी नहीं है, इसलिए अपनी पसंद के करियर का ध्यान रखकर उससे संबंधित कोर्स करना फ्यूचर के लिहाज के बेहतर होगा।
लक्ष्य तय करें
आज के दौर में बिना लक्ष्य तय किए पढ़ाई करने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। आपकी रुचि जिस क्षेत्र में है, उसी को ध्यान में रखकर करियर की प्लानिंग करना बेहतर माना जा सकता है। आप 12वीं के बाद क्षेत्र या विषय को चुन रहे हैं, उससे संबंधित समुचित योग्यता आपमें है या नहीं, इस चीज को पहले से ही परख लें!
साइंस स्ट्रीम
साइंस स्ट्रीम से बारहवीं करने वाले स्टूडेंट्स यदि आगे ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, तो वे किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बीएससी (पास) या बीएससी (ऑनर्स) कर सकते हैं।
इसके लिए प्रमुख विषय हैं : फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, जूलॉजी आदि। वैसे, अब बायोटेक्नोलॉजी, जेनेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों में भी स्ातक करने का विकल्प है और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए स्टूडेंट इन्हें काफी पसंद कर रहे हैं। यदि वे टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं, तो इंजीनियरिंग (बारहवीं पीसीएम के बाद) और मेडिकल (पीसीबी) स्ट्रीम चुन सकते हैं। लेकिन इंजीनियरिंग (चार वर्षीय बीटेक या बीई) या मेडिकल लाइन (एमबीबीएस आदि) के लिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स अनेक कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स, जैसे-एआईईईई, आईआईटीजेईई, गेट आदि के टेस्ट देकर इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों, मसलन-मैकेनिकल, एयरोनॉटिकल, केमिकल, आर्किटेक्चर, बायोमेडिकल, इलेक्ट्रिकल, कम्प्यूटर साइंस, आईटी आदि में प्रवेश ले सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, मेडिकल फील्ड की ओर रुख करने वाले स्टूडेंट्स के लिए एमबीबीएस कोर्स के अलावा करियर के तौर पर माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोथेरेपी, वेटेरिनरी साइंस, होम्योपैथी, डेंटिस्ट्री आदि क्षेत्रों के विकल्प हैं।
कॉमर्स स्ट्रीम
कॉमर्स स्ट्रीम में करियर बनाने वालों के लिए बीकॉम (पास) और बीकॉम (ऑनर्स) का विकल्प है। इसके जरिए आप बिजनेस अकाउंटिंग, फाइनैंशियल अकाउंटिंग, कॉस्ट अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, बिजनेस लॉ, बिजनेस फाइनैंस, मार्केटिंग, बिजनेस कम्युनिकेशन आदि विषयों में स्ातक कर सकते हैं। कॉमर्स स्ट्रीम चुनने वालों के लिए भविष्य में एमबीए, सीएस, सीए, फाइनैंशियल एनालिस्ट जैसे तमाम करियर ऑप्शंस बांहें फैलाए रहते हैं।
आट्र्स स्ट्रीम
एक आम धारणा यह रही है कि आर्ट्स स्ट्रीम से पढाई करने के बाद आगे कोई अच्छा करियर विकल्प नहीं मिलता। लेकिन अब यह धारणा काफी हद तक बदल गई है, क्योंकि इस स्ट्रीम में ऐसे कई विषय हैं, जिनकी पढाई करके सरकारी और निजी क्षेत्रों में करियर की ऊंचाई छुई जा सकती है। इस करियर स्ट्रीम में स्ातक करने के इच्छुक स्टूडेंट्स अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, इतिहास, राजनीति शास्त्र, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी आदि विषयों का चयन कर सकते हैं। बीए (पास) और बीए (ऑनर्स) कोर्स एक सदाबहार विकल्प है। हां, इस बात का खास खयाल रखिए कि अगर आपके मनमाफिक विषयों का कॉम्बिनेशन एक कॉलेज में उपलब्ध नहीं है, तो आप दूसरे कॉलेजों में भी जरूर ट्राई करें। आर्ट्स विषय पढने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स वैसे तो सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे रहते हैं, लेकिन इसके अतिरिक्त, प्रोफेशनल तौर पर एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट एनालिसिस, टीचिंग, एंथ्रोपोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स, एमएसडब्लू आदि क्षेत्रों में भी काफी करियर ऑप्शंस मौजूद हैं।
प्रोफेशनल कोर्सेज
ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में बारहवीं के बाद बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे ट्रेडिशनल कोर्सो के अतिरिक्त भी आज ऐसे अनेक प्रोफेशनल कोर्स उपलब्ध हैं, जिन्हें करने के बाद खासकर कॉर्पोरेट वर्ल्ड में खास मुकाम हासिल किया जा सकता है। इनमें आईटी और मैनेजमेंट फील्ड से संबंधित कोर्स प्रमुख हैं। इन कोर्सो की विशेषता यह है कि इन्हें करने के बाद अक्सर कैम्पस रिक्रूटमेंट के माध्यम से बडी-बडी कंपनियों द्वारा आकर्षक पैकेज पर जॉब प्लेसमेंट कर लिया जाता है।
ऐसे कोर्सो में प्रमुख हैं : बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (बीबीए), बैचलर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशंस (बीसीए), डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट एेंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (बीआईटी), रिटेल मैनेजमेंट, बीएससी (कम्प्यूटर स्टडीज), डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग, प्रमोशन एेंड सेल्स मैनेजमेंट, ट्रैवॅल एेंड टूरिज्म, फैशन डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन आदि। ये सब आज के जमाने के ऐसे ऑप्शंस हैं, जिनकी कॉर्पोरेट वर्ल्ड में हमेशा मांग बनी रहती है। इसके अलावा कुछ अन्य विकल्प भी हैं, जैसे- एनिमेशन, ग्राफिक डिजाइनिंग, एस्ट्रोनॉमी, लिंग्विस्टिक, एविएशन आदि के शॉर्ट टर्म कोर्स कर भी आप अपना करियर सवांर सकते हैं। इस तरह के शॉर्ट टर्म कोर्स कोई और रेगुलर कोर्स या जॉब करते हुए भी कर सकते हैं।
डिफेंस सर्विस
जुनून और रोमांच में रुचि रखने वाले बारहवीं उत्तीर्ण युवाओं के लिए नेशनल डिफेंस सर्विस (एनडीए) एक बेहतर विकल्प है। इसके माध्यम से आप आर्मी, नेवी और एयरफोर्स विंग में अपना करियर संवार सकते हैं। इसके लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन वर्ष में दो बार प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन करती है।
कुछ बातों का रखें ध्यान…
कोई भी कोर्स चुनने से पहले अपनी रुचि, योग्यता और उसमें उपलब्ध करियर विकल्पों पर जरूर विचार करें।
दूसरों की देखा-देखी या पारंपरिक रूप से प्रचलित कोर्सों की बजाय अपनी रुचि के नए विकल्पों को आजमाने में संकोच न करें, क्योंकि अब इनमें भी आकर्षक करियर बनाया जा सकता है। यदि आर्ट्स में रुचि है, तो इसमें कदम आगे बढाने में बिल्कुल न झिझकें। इसमें भी विकल्पों की कमी नहीं हैं। यदि निर्णय लेने में कोई दुविधा है, तो काउंसलर की सलाह अवश्य लें। बारहवीं के बाद बिना किसी लक्ष्य के पढाई न करें, बल्कि पहले दिशा तय कर लें और फिर उसके अनुरूप प्रयास करें।
पहले स्टूडेंट्स के पास मेडिकल, इंजीनियरिंग जैसे कुछेक करियर के ऑप्शन ही होते थे, लेकिन अब ऐसी बात नहीं है। आज इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ, टीचिंग जैसे परंपरागत विषयों के साथ-साथ सैकडों नए विकल्प भी सामने आ गए हैं। ऐसे में एक या दो विषय में ही उच्च शिक्षा हासिल करने की मजबूरी नहीं रह गई है। बारहवीं के बाद ही तय करना होता है कि आप प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं या फिर एकेडमिक कोर्स।
क्या पढ़ें, क्या न पढ़ें
12वीं के बाद अधिकांश छात्र यह तय नहीं कर पाते कि वे क्या पढें और क्या न पढें! इस दुविधा से निकलने का कोई उपाय उन्हें नहीं सूझता। मार्गदर्शन न मिलने के कारण अधिकांश स्टूडेंट्स अपने मित्रों की देखा-देखी ही कोर्स चुन लेते हैं या फिर अपने अभिभावक की इच्छा से मेडिकल या इंजीनियरिंग की राह पर आगे बढने का प्रयास करते हैं। दूसरों की देखा-देखी या फिर अभिभावक के दबाव से किसी कोर्स का चुनाव हर स्टूडेंट के लिए सही नहीं माना जा सकता, क्योंकि ऐसी स्थिति में आगे चलकर छात्र के प्रदर्शन के साथ-साथ उसका करियर भी प्रभावित हो सकता है। चूंकि अब विकल्पों की कमी नहीं है, इसलिए अपनी पसंद के करियर का ध्यान रखकर उससे संबंधित कोर्स करना फ्यूचर के लिहाज के बेहतर होगा।
लक्ष्य तय करें
आज के दौर में बिना लक्ष्य तय किए पढ़ाई करने का कोई मतलब नहीं रह जाता है। आपकी रुचि जिस क्षेत्र में है, उसी को ध्यान में रखकर करियर की प्लानिंग करना बेहतर माना जा सकता है। आप 12वीं के बाद क्षेत्र या विषय को चुन रहे हैं, उससे संबंधित समुचित योग्यता आपमें है या नहीं, इस चीज को पहले से ही परख लें!
साइंस स्ट्रीम
साइंस स्ट्रीम से बारहवीं करने वाले स्टूडेंट्स यदि आगे ग्रेजुएशन करना चाहते हैं, तो वे किसी प्रतिष्ठित संस्थान से बीएससी (पास) या बीएससी (ऑनर्स) कर सकते हैं।
इसके लिए प्रमुख विषय हैं : फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, बायोलॉजी, जूलॉजी आदि। वैसे, अब बायोटेक्नोलॉजी, जेनेटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे विषयों में भी स्ातक करने का विकल्प है और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए स्टूडेंट इन्हें काफी पसंद कर रहे हैं। यदि वे टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स करना चाहते हैं, तो इंजीनियरिंग (बारहवीं पीसीएम के बाद) और मेडिकल (पीसीबी) स्ट्रीम चुन सकते हैं। लेकिन इंजीनियरिंग (चार वर्षीय बीटेक या बीई) या मेडिकल लाइन (एमबीबीएस आदि) के लिए अखिल भारतीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स अनेक कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स, जैसे-एआईईईई, आईआईटीजेईई, गेट आदि के टेस्ट देकर इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों, मसलन-मैकेनिकल, एयरोनॉटिकल, केमिकल, आर्किटेक्चर, बायोमेडिकल, इलेक्ट्रिकल, कम्प्यूटर साइंस, आईटी आदि में प्रवेश ले सकते हैं। वहीं दूसरी ओर, मेडिकल फील्ड की ओर रुख करने वाले स्टूडेंट्स के लिए एमबीबीएस कोर्स के अलावा करियर के तौर पर माइक्रोबायोलॉजी, फिजियोथेरेपी, वेटेरिनरी साइंस, होम्योपैथी, डेंटिस्ट्री आदि क्षेत्रों के विकल्प हैं।
कॉमर्स स्ट्रीम
कॉमर्स स्ट्रीम में करियर बनाने वालों के लिए बीकॉम (पास) और बीकॉम (ऑनर्स) का विकल्प है। इसके जरिए आप बिजनेस अकाउंटिंग, फाइनैंशियल अकाउंटिंग, कॉस्ट अकाउंटिंग, ऑडिटिंग, बिजनेस लॉ, बिजनेस फाइनैंस, मार्केटिंग, बिजनेस कम्युनिकेशन आदि विषयों में स्ातक कर सकते हैं। कॉमर्स स्ट्रीम चुनने वालों के लिए भविष्य में एमबीए, सीएस, सीए, फाइनैंशियल एनालिस्ट जैसे तमाम करियर ऑप्शंस बांहें फैलाए रहते हैं।
आट्र्स स्ट्रीम
एक आम धारणा यह रही है कि आर्ट्स स्ट्रीम से पढाई करने के बाद आगे कोई अच्छा करियर विकल्प नहीं मिलता। लेकिन अब यह धारणा काफी हद तक बदल गई है, क्योंकि इस स्ट्रीम में ऐसे कई विषय हैं, जिनकी पढाई करके सरकारी और निजी क्षेत्रों में करियर की ऊंचाई छुई जा सकती है। इस करियर स्ट्रीम में स्ातक करने के इच्छुक स्टूडेंट्स अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, इतिहास, राजनीति शास्त्र, दर्शनशास्त्र, समाजशास्त्र, अंग्रेजी, हिंदी आदि विषयों का चयन कर सकते हैं। बीए (पास) और बीए (ऑनर्स) कोर्स एक सदाबहार विकल्प है। हां, इस बात का खास खयाल रखिए कि अगर आपके मनमाफिक विषयों का कॉम्बिनेशन एक कॉलेज में उपलब्ध नहीं है, तो आप दूसरे कॉलेजों में भी जरूर ट्राई करें। आर्ट्स विषय पढने वाले अधिकतर स्टूडेंट्स वैसे तो सिविल सर्विस की तैयारी में जुटे रहते हैं, लेकिन इसके अतिरिक्त, प्रोफेशनल तौर पर एमबीए, जर्नलिज्म, मार्केट एनालिसिस, टीचिंग, एंथ्रोपोलॉजी, ह्यूमन रिसोर्स, एमएसडब्लू आदि क्षेत्रों में भी काफी करियर ऑप्शंस मौजूद हैं।
प्रोफेशनल कोर्सेज
ग्लोबलाइजेशन के इस दौर में बारहवीं के बाद बीए, बीकॉम, बीएससी जैसे ट्रेडिशनल कोर्सो के अतिरिक्त भी आज ऐसे अनेक प्रोफेशनल कोर्स उपलब्ध हैं, जिन्हें करने के बाद खासकर कॉर्पोरेट वर्ल्ड में खास मुकाम हासिल किया जा सकता है। इनमें आईटी और मैनेजमेंट फील्ड से संबंधित कोर्स प्रमुख हैं। इन कोर्सो की विशेषता यह है कि इन्हें करने के बाद अक्सर कैम्पस रिक्रूटमेंट के माध्यम से बडी-बडी कंपनियों द्वारा आकर्षक पैकेज पर जॉब प्लेसमेंट कर लिया जाता है।
ऐसे कोर्सो में प्रमुख हैं : बैचलर ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट (बीबीए), बैचलर ऑफ कम्प्यूटर ऐप्लिकेशंस (बीसीए), डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन होटल मैनेजमेंट एेंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी, बैचलर इन इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (बीआईटी), रिटेल मैनेजमेंट, बीएससी (कम्प्यूटर स्टडीज), डिप्लोमा इन एडवरटाइजिंग, प्रमोशन एेंड सेल्स मैनेजमेंट, ट्रैवॅल एेंड टूरिज्म, फैशन डिजाइनिंग, इवेंट मैनेजमेंट, पब्लिक रिलेशन आदि। ये सब आज के जमाने के ऐसे ऑप्शंस हैं, जिनकी कॉर्पोरेट वर्ल्ड में हमेशा मांग बनी रहती है। इसके अलावा कुछ अन्य विकल्प भी हैं, जैसे- एनिमेशन, ग्राफिक डिजाइनिंग, एस्ट्रोनॉमी, लिंग्विस्टिक, एविएशन आदि के शॉर्ट टर्म कोर्स कर भी आप अपना करियर सवांर सकते हैं। इस तरह के शॉर्ट टर्म कोर्स कोई और रेगुलर कोर्स या जॉब करते हुए भी कर सकते हैं।
डिफेंस सर्विस
जुनून और रोमांच में रुचि रखने वाले बारहवीं उत्तीर्ण युवाओं के लिए नेशनल डिफेंस सर्विस (एनडीए) एक बेहतर विकल्प है। इसके माध्यम से आप आर्मी, नेवी और एयरफोर्स विंग में अपना करियर संवार सकते हैं। इसके लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन वर्ष में दो बार प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन करती है।
कुछ बातों का रखें ध्यान…
कोई भी कोर्स चुनने से पहले अपनी रुचि, योग्यता और उसमें उपलब्ध करियर विकल्पों पर जरूर विचार करें।
दूसरों की देखा-देखी या पारंपरिक रूप से प्रचलित कोर्सों की बजाय अपनी रुचि के नए विकल्पों को आजमाने में संकोच न करें, क्योंकि अब इनमें भी आकर्षक करियर बनाया जा सकता है। यदि आर्ट्स में रुचि है, तो इसमें कदम आगे बढाने में बिल्कुल न झिझकें। इसमें भी विकल्पों की कमी नहीं हैं। यदि निर्णय लेने में कोई दुविधा है, तो काउंसलर की सलाह अवश्य लें। बारहवीं के बाद बिना किसी लक्ष्य के पढाई न करें, बल्कि पहले दिशा तय कर लें और फिर उसके अनुरूप प्रयास करें।
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